History of The Royal Enfield (Bullet)

कैसे हुई थी शुरुआत रॉयल एनफील्ड की? आखिर क्या है इतिहास सबकी चहेती बुलेट का? जानने के लिए पढ़ें पूरा आर्टिकल नमस्कार दोस्त स्वागत है आपका imranker.com दोस्तों रॉयल एनफील्ड ने पिछले 100 सालों में बहुत से उतार चढ़ाव देखे हैं |

Born of Royal Enfield

उसमें एक रोचक तथ्य है यह भी है कि दुनिया की पहली बुलेट जिंस देश ने बनाई वही पर इसका उत्पादन बंद कर दिया गया है | सबसे पहली बुलेट ब्रिटिश फौज के लिए तैयार हुई जिसके बाद इन बाइक्स को ब्रिटिश फौज के अलावा रशियन सरकार ने भी खरीदा वहीँ देश की आजादी के बाद भारत को इंडो पाक बॉर्डर की चौकसी बढ़ानी पड़ी दोस्तों सरकार ने 1954 में सेना के लिए एन्फील्ड से 800 बुलेट्स खरीदी 1955 और 1956 में भारत सरकार ने फौज के साथ Police के लिए भी बुलेट्स की मांग की |

First order of Royal Enfield

पहली मांग को पूरा करने के लिए रॉयल एनफील्ड को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी जिसके चलते कंपनी ने सरकार की अगली डिमांड को पूरा करने के लिए भारत में ही असेंबली यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया मद्रास चेन्नई में पहली बार बनी एनफील्ड मद्रास मोटर्स ने बुलेट असेंबल करने की ट्रेनिंग के लिए अपने कुछ लोगों को इंग्लॅण्ड भेजा जिसके बाद वहाँ से प्राप्त knockdown यूनिट्स भारत में अस्सेम्ब्ल होनी शुरू हुई |

Trend of Royal Enfield

How did Royal Enfield start,

और पुलिस को बुलेट मिलते ही लोगों में इसका क्रेज सर चढ़कर बोलने लगा, बुलेट के प्रति लोगों का क्रेज देखकर रॉयल एनफील्ड यूके ने भारत में एनफील्ड इंडिया लिमिटेड नाम से एक सहायक कंपनी बनाई और मद्रास जो कि अब चेन्नई के नाम से जाना जाता है यहाँ फैक्ट्री स्थापित कर ली अब यूके का कारखाना दिवालिया हो गया है |

Manufacture In India – Royal Enfield

1957 में ऑनफील्ड इन्डिया भारत में ही बुलेट के कॉम्पोनेंट्स बनाने लगी जिससे समय ये सब हो रहा था उस समय देश में राजदूत जाबा खूब बिकती थी इसके बावजूद बुलेट का क्रेज साथ साथ चला इस समय बाद यूके के कारखाने के दिवालिया होने के बाद भारत में बुलेट का उत्पादन जारी रखा गया और 1999 मे एनफील्ड इंडिया ने अपनी ब्रॉन्डिंग को रॉयल एनफील्ड में बदल दिया |

Eicher Own Royal Enfield

1990 में EICHER ने एनफील्ड इंडिया में 26% हिस्सेदारी खरीदी थी, ऐंडफील्ड नाम के पुराने ब्रिटिश ब्रैंड को दूसरा जन्म देने का श्रेय सिद्धार्थ लाल को जाता है. जो ट्रैक्टर बनाने वाली EICHER कंपनी के मालिक हैं |
भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक क्लासिक का जन्म नवंबर 2009 में हुआ जो आज भी दुनिया में मशहूर है रॉयल एनफील्ड में कभी नंबर वन बनने की होड़ नहीं रही, कंपनी ने हमेशा मांग के हिसाब से उत्पादन को बनाए रखा इस कारण आज भी रॉयल एनफील्ड की बुलेट की वेटिंग बनी रहती है |
इस समय यूरोप अमेरिका दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी ROYAL ENFIELD का Exportation किया जाता है|

How did Royal Enfield start,

Total Unit in One Year

एनफील्ड आज सालाना करीब 450k मोटर साइकल दुनिया भर में बेचती है रॉयल एनफील्ड के नाम के पीछे होल्डर परिवार की अहम भूमिका रही होल्डर ने ये आधिकारिक नाम 1968 में दिवालिया कंपनी की बिक्री के दौरान खरीदा था होल्डर परिवार 1968 से लेकर आज तक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों के स्पेयर का उत्पादन कर रहा है |

डेविड होल्डर ने भारत के एनफील्ड द्वारा रॉयल एनफील्ड नाम के उपयोग पर विरोध भी किया, हालांकि ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया और इसलिए यह ट्रेडमार्क भारतीय कंपनी को मिला ,तो दोस्तों ये थी कहानी सबकी रॉयल एनफील्ड की .

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