Janmashtami 2021 – 30 August

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Janmashtami 2021 - imranker

इस वर्ष है भगवान श्रीकृष्ण का 5248वां जन्मोत्स्व, जानें 2021 में जन्माष्टमी तिथि व मुहूर्त

भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को बहुत धून-धाम से मनाया जाता है। श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां जानिए 2021 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी।

मुख्य बातें

  • भाद्रपद मास के कृष्ण अष्टमी पर हुआ था देवकीनंदन का जन्म, भारत में धूमधाम से मनाया जाता है कृष्ण जन्मोत्सव।
  • गोकुलाष्टमी के नाम से भी जानी जाती है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, इस वर्ष 30 अगस्त को पड़ रही है यह तिथि।
  • कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण को झूला झूलाना माना जाता है बेहद शुभ, श्री कृष्ण की पूजा करने से दूर होती हैं सभी तकलीफें।

Krishna janmashtami 2021 : भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर राहिणी नक्षत्र में हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म के ऊपर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। देवकीनंदन के जन्मोत्सव पर पूरे भारत में उत्सव और उल्लास का माहौल रहता है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करना बहुत लाभदायक माना जाता है। 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी के नाम भी जाना जाता है। ग्रेगोरियन पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अक्सर अगस्त और सितंबर के महीने में पड़ती है, यह तिथि हर वर्ष बदलती रहती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, कई बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन पड़ती है। यह दो तिथियां स्मार्त संप्रदाय और वैष्णव संप्रदाय हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से सभी दुख और तकलीफें दूर हो जाती हैं। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। यहां जानें, इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी।

Janmashtami 2021 date and time, कृष्ण जन्माष्टमी 2021 कब है

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तिथि: – 30 अगस्त 2021

अष्टमी तिथि प्रारम्भ: – अगस्त 29, 2021 रात 11:25

अष्टमी तिथि समापन: – अगस्त 31, 2021 सुबह 01:59

रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ: – अगस्त 30, 2021 सुबह 06:39

रोहिणी नक्षत्र समापन – अगस्त 31, 2021 सुबह 09:44

निशित काल: –  30 अगस्त रात 11:59 से लेकर सुबह 12:44 तक

अभिजित मुहूर्त: – सुबह 11:56 से लेकर रात 12:47 तक

गोधूलि मुहूर्त: – शाम 06:32 से लेकर शाम 06:56 तक

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व

कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सनातन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कृष्ण भगवान के भक्त व्रत रखते हैं तथा उनकी विधिवत तरीके से पूजा करते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन श्रद्धा-भाव से भगवान श्री कृष्ण की पूजा-आराधना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए।

कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से कुंडली में चंद्र की स्थिति मजबूत होती है। संतान प्राप्ति के लिए भी इस दिन व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण को झूला झुलाया जाता है, ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण को झूला झुलाने से भगवान श्री कृष्ण अपने भक्तों के मनवांछित फल पूरा करते हैं।

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