Privatization Of Public Sector Banks

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नमस्कार दोस्तों आपने हाल ही में न्यूज़ पेपर के माध्यम से सुना होगा कि कई सारे बैंको को प्राइवेट किया जा रहा है |

मतलब बैंको का प्राइवेटाइजेशन हो रहा है, बैंक जो है दो तरह के होते हैं एक होते है पब्लिक सेक्टर बैंक, और एक होते है प्राइवेट बैंक।

पब्लिक सेक्टर बैंक्स का लगातार प्राइवेटाइज़ेशन किया जा रहा है, जिसके चलते बैंक कर्मी हड़ताल में रहते हैं. आपने देखा होगा और वर्तमान समय में जो पब्लिक सेक्टर बैंक्स है इनकी संख्या कुल मिलाकर हाँ रह गई है |

क्यों बैंक का प्राइवेटाइजेशन हो रहा है किस कानून के माध्यम से हो रहा है आज के इस लेक्चर में हम जानेगे | और साथ ही समझेंगे बैंकिंग लॉस अमेंडमेंट ऐक्ट 2021 जो आया है उसकी महत्वपूर्ण प्रावधान क्या है तो लास्ट तक समझते रहिये महत्वपूर्ण बातों को|

बैंक प्राइवेटाइज़ेशन के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना चाहिए की पब्लिक बैंक क्या होते हैं, जिनको प्राइवेट करने की बात की जा रही है |

What is Public Sector Banks

पब्लिक सेक्टर बैंक या पब्लिक बैंक वो होते हैं जिसमें सरकार की 50% से ज्यादा हिस्सेदारी होती है जिसके चलते पब्लिक बैंक का मेजर स्टॉक होल्डर गवर्नमेंट ही होता है |

इसके कारण बैंक डूबने पर भी जनता के पैसे की जिम्मेदारी सरकार के ऊपर होती है, इन्हीं कारणों के चलते देश में ज्यादातर लोग अपना पैसा सरकारी बैंक में रखना पसंद करते हैं या वही डिपॉजिट करते हैं |

यह पब्लिक सेक्टर बैंक जो है आरबीआई द्वारा रेग्युलेट किए जाते हैं, और गवर्नमेंट जो है इस पर नियंत्रण रखती है जिसके चलते इसमें रखे पैसे सुरक्छित होते हैं |

बैंकों के निजीकरण के लिए जरूरी बदलाव करने के लिए सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश किया था पिछले वर्ष |

पहले बताये गया था कि सरकारी थिंक टैंक नीती आयोग ने विनिवेश के जरिए भारत के केंद्रीय बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक को शॉर्टलिस्ट कर लिया था

तो बैंकिंग जो संशोधन कानून है बैंकिंग लॉ अमेंडमेंट एक्ट जो है ये बैंकिंग कंपनी अधिग्रहण और उपक्रमों के हस्तांतरण अधिनियम 1970 और 1980 में बदलाव की मांग करता है

साथी ये बैंको के प्राइवेटाइजेशन की दिशा भी आसान करता है अभी पब्लिक सेक्टर बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 51% है जिसे घटाकर सरकार 26% करना चाह रही है

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में ही विनिवेश से 1.75,00,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा हुआ है

12 पब्लिक सेक्टर बैंक्स कौन से हैं जिनमें सरकार का स्टॉक

सबसे पहले आपके सामने ये लिस्ट दिखाई पड़ रहा है ये है बैंक ऑफ बड़ौदा इसमें गवर्नमेंट की शेयर होल्डिंग जो है 63.97% है,

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया जिसमें 81.41% हिस्सेदारी गवर्नमेंट की है.

रिज़र्व बैंक ऑफ महाराष्ट्र जिसमें 90.97% स्टॉक जो है वो गवर्नमेंट होल्ड करती हैं.

फिर आते हैं केनरा बैंक में इसमें सरकार की हिस्सेदारी 62.93% है

फिर आते हैं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जहा सरकार की हिस्सेदारी 93.08% है

फिर आते हैं इंडियन बैंक में जहां सरकार की हिस्सेदारी 79.86% है

फिर है इंडियन ओवरसीज बैंक इसमें सरकार की हिस्सेदारी 96.38% है

फिर है पंजाब एंड सिंध बैंक जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 97.0% है

और फिर आता है पंजाब नेशनल बैंक जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 73.15% है

और फिर हैं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जिसमें सरकार सेदारी 57.62% है आता है

यूको बैंक्स में सरकार के सिधारी 95.39% है

और फिर आता है यूनियन बैंक ऑफ इंडिया इसमें सरकार की हिस्सेदारी 83.50% है

Have you Understand

दोस्तों भी अपने समझा की पब्लिक सेक्टर बैंक क्या है इनकी संख्या कितनी है जैसा की आपने ठीक से समझ लिया है की 51 या 50% से ज्यादा हिस्सेदारी है अगर सरकार की किसी बैंक में होती है तो कहा जाता है ये सरकारी बैंक है

मैंने आपको वन बाइ वन बैंकों के नाम और साथ ये भी बताया है किसमे सरकार का कितना हिस्सेदारी रखती है और साथ ही अपनी ये भी जाना कि सरकार इस नए कानून के माध्यम से कुछ बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम करना चाह रही है जिसे घटाकर 26% तक किया जा सकता है

तो अभी आपको आसानी से समझ में आ गया होगा आपकी पब्लिक सेक्टर बैंक क्या होते है प्राइवेट सेक्टर बैंक क्या होते हैं और क्या बैंकरों का प्राइवेटाइजेशन किया जा रहा है

आपको ये भी जानना चाहिए की प्राइवेटाइज़ेशन या निजीकरण जो है ये बैंक के साथ ही रेलवे और विभिन्न सरकारी उपक्रमों का किया जा रहा है सरकार इसके माध्यम से पैसे जुटाना चाहती है।

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