आप सभी जानते हैं कोर्ट मैं झूटी गवाही देना एक अपने आप मैं अपराध है |

कुछ लोग किसी बेगुनाह से लड़ाई होने के बाद उसे फ़साने की साजिश रचते हैं |

और वो नहीं जानते के हैं के वो कितना बड़ा गुनाह कर रहे है |

कोर्ट मैं ऐसा करने पर एक अलग ही सजा का प्रावधान है |

जो कोई सपथ लेने के बाद एक झूठा गवाह बनता है तो उसे मिलेगी ये सजा -

ये तो कन्फर्म है के अगर ऐसा करता कोई पकड़ा गया तो उसे जेल तो जाना ही पड़ेगा |

अगर कोई ऐसा पकड़ा जाता है तो उसे सेक्शन १९३ के तहत ७ साल की सज़ा हो सकती है |

और  साथ उसे १० लाख तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है |